बुधवार, 8 अक्तूबर 2014

आज शरद पूर्णिमा......

Shubh Sharad Purnima

आज शरद पूर्णिमा......

-अरुण मिश्र.

आज शरद पूर्णिमा
शरद का चाँद
आज अमृत बरसेगा ॥ 


प्रासादों  के  दीर्घ  अजिर में
महलों के विस्तीर्ण छतों पर ।
भर-भर  खीर   रखे  जायेंगे
रजत  कटोरे  रात-रात  भर ॥

 
जिन में चाँद
अमृत घोलेगा
राज कुँवर फिर उसे छकेगा ॥ 


पर उनका क्या होगा, जिनके
थाली   में     रोटी   के   लाले । 
खीर    कहाँ   से   वो   लाएंगे
जिन को मिलते नहीं निवाले ॥ 


पूर्ण चन्द्र फिर पीड़ा देगा
फिर उन का
ललुआ तरसेगा ॥ 


चन्दा तो सब का है,  सब पर 
शीतलता,   चाँदनी    लुटाता ।
काश कि, चन्दा सीधे सब की 
जिह्वा  पर  अमृत  टपकाता ॥

ऐसा हो तो शरद पूर्णिमा 
सार्थक;  सब का
मन हरषेगा ॥ 

          * 
        

Picture: Shubh Sharad Purnima




2 टिप्‍पणियां:

  1. http://uttarpradeshbloggerassociation.blogspot.in/2011/07/blog-post_7636.html?m=1
    आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 15 अक्टूबर 2016 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद! .

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